दो बार यूनिवर्सिटी फ़ैल ने कैसे बना दी दुनिया की NO 1 ई-कॉमर्स कंपनी

क्या आप जानते है:  इंटरनेट पर दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के संस्‍थापक "जैक मा" जो चीन के हांगझाऊ प्रोविंस के निवासी हैं की सफलता की कहानी काफी प्रेरणादायक है। जैक के माता-पिता बहुत ही साधारण परिवार से थे, जो थिएटर में काम करके जीविका अर्जन करते थे। जैक दो बार यूनिवर्सिटी में फेल हो चुके हैं और लगभग 10 बार अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी जैक को अपने यहाँ एडमीशन देने से मना कर चुकी है।लेकिन जैक ने कभी हार नहीं मानी और लगातार संघर्ष करते रहे। हालांकि, इसके बाद जैक ने चीन में स्कूल टीचर का काम शुरू किया।


कैसे की शुरुआत
जैक पहली बार इंटरनेट का इस्तेमाल 1995 में अमेरिका के सिएटल में किया, इंटरनेट का इस्तेमाल करते समय जैक को पता चला कि चीनी कंपनियों के बारे में इंटरनेट पर ज्यादा सूचनाए नहीं उपलब्ध है।
इसी के चलते जैक ने वापस चीन आकर अपनी पहली चाइना पेजस नाम की कंपनी की शुरुआत की और धीरे-धीरे चीन के ई-कॉमर्स जगत पर कब्जा कर लिया। इसके बाद उन्होंने चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा की स्थापना की जो दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है  हालाँकि अब जैक कंपनी को छोड़ चुके है उन्होंने पिछले साल कंपनी के सीइओ पद को छोड़ दिया और अब वो चाइनीज पॉप गायकी करते हैं और बतौर एंवायरमेंटलिस्ट काम करते हैं। ये दोनों ही काम उन्हें पसंद है और वो इन्हे अब ज़्यादा समय देना चाहते है।


अमेरिका में अलीबाबा का आईपीओ लाने वाले है 
दो बार यूनिवर्सिटी में फेल हो चुके और लगभग 10 बार अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी का इनकार झेल चुके जैक मा कारोबार की दुनिया में बड़ा धमाका करने वाले हैं। चीन की ई-कॉमर्स कंपनी अलीबाबा के संस्‍थापक जैक अमेरिका में आईपीओ लाने जा रहे हैं। यह दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी है और माना जा रहा है कि अपने आईपीओ से यह फेसबुक आईपीओ के 16 बिलियन डॉलर का रिकॉर्ड तोड़ने की तैयारी में है। बाजार को बहुत वक्त से इसका इंतजार था। अमेरिका में आईपीओ लाने वाली अलीबाबा सबसे बड़ी चीनी कंपनी होगी।
अलीबाबा ने कहा है कि वह न्‍यूयॉर्क स्‍टॉक एक्‍सचेंज पर अपने शेयरों की लिस्टिंग ट्रेडिंग निशान ‘बाबा’ के नाम से कराएगी। 

RISKY है अलीबाबा में इन्वेस्ट करना ?
हालांकि, पिछले हफ्ते अमेरिकी अधिकारियों के एक पैनल ने जटिल कानूनी सरंचना वाली अलीबाबा और अन्‍य चीनी इंटरनेट कंपनियों के अमेरिकी बाजार में प्रवेश करने से जोखिम पैदा होने की चेतावनी दी है। पैनल ने अपनी रिपोर्ट में कहा है कि चीन से बाहर स्थित कंपनियों की आड़ में किया गया कोई भी कानूनी समझौते का आधार अस्थिर हो सकता है। अलीबाबा की लिस्टिंग पर प्रतिभूति और विनिमय आयोग ने कहा है कि प्रायोगिक तौर पर जल्‍द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।