पुदीना एक, लाभ अनेक
लाइफस्टाइल: पुदीना एक छोटे आकार का पौधा होता है जो अक्सर नमी वाली भूमि पर उगता हुआ पाया जाता है। इसमें उड़नशील तेल पाया जाता है, जो पेपरमिंट जैसी सुगंध देता है। इसका वानस्पतिक नाम मेन्था स्पीकेटा है। वनांचलों में आदिवासी इसका इस्तेमाल कई तरह की स्वास्थय समास्याओं के निदान के लिए करते हैं। अब आप पुदिने से जुड़े आदिवासी हर्बल ज्ञान और कुछ हर्बल नुस्खों के बारे में जानकर अपनी हेल्थ को और सुधार सकते है । जानिए कैसे -
1. कील, मुहांसों से आराम दिलाता है
पुदिने की कुछ पत्तियों को कुचलकर इसमें 3 बूंद नींबू के रस की डाली जाए और इस मिश्रण को चेहरे के कील मुहांसों पर लगा दिया जाए। फिर 5 मिनट बाद चेहरा धो लिया जाए। तो एक सप्ताह में ही मुहांसे और कील खत्म हो जाएंगे और चेहरा चमक जाएगा।
2. सर्दी- खांसी को ठीक करता है
ठंड में बुखार आने पर पुदीने की पत्तियों का रस और अदरक के रस की समान मात्रा मिलाकर रोगी को देने से आराम मिलता है। पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार करीब एक गिलास पानी में 10 पुदीने की पत्तियां, थोड़ी-सी काली मिर्च और थोड़ा काला नमक डालकर उबालें। पांच मिनट उबालने के बाद इस पानी को छानकर पीने से सर्दी- खांसी, जुकाम और बुखार से आराम मिलता है।
3. मुंह की बदबू को करे दूर
जिन्हें मुंह से बदबू आने की शिकायत हो, उन्हें दुर्गध दूर करने के लिए पुदीने की सूखी पत्तियों को पीसकर उसका चूर्ण बनाकर इसे दांतों पर मंजन की तरह लगाना चाहिए। ऐसा करने से मुख दुर्गंध दूर होती है और मसूड़े भी मजबूत होते हैं।
4. बंद नाक और सर्दी में दे आराम
सर्दी और जुकाम होने की दशा में पुदीने की पत्तियों के रस की एक-एक बूंद नाक में डालने से लाभ होता है। काली मिर्च, पुदीना और नमक का मिश्रण एक साथ चबाने से भी सर्दी में तेजी से फायदा होता है।
5. पेटदर्द में लाभकारी
डांग-गुजरात के आदिवासियों के अनुसार पेटदर्द और अतिसार में इसके पत्तों को अनारदानों के साथ पीसकर अदरक के रस के साथ मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।
6. दाद पर भी असरदार
दाद या त्वचा पर सूक्ष्मजीव संक्रमण होने पर पुदीने के पत्तों का रस दिन में 3-4 बार लेपित किया जाए, तो आराम मिलता है। पत्तियों को कुचलकर सीधे त्वचा पर रगड़ा जाए तो भी फायदा होता है।
7. कॉलेरा से छुटकारा
कॉलेरा होने पर 6 ग्राम पुदीने की पत्तियां और ईलायची (3 ग्राम) लेकर आधा लीटर पानी में उबाला जाता है और एक-एक घंटे के अंतराल पर रोगी को दिया जाता है जिससे जी मचलाना और वमन बंद हो जाता है। इसके साथ ही पेटदर्द में भी आराम मिलता है।
8. ज़हर पे भी असदार
पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार बिच्छु के काटे जाने पर पुदीने की पत्तियों के रस से लाभ होता है और धीमे- धीमे ज़हर उतर जाता है।
1. कील, मुहांसों से आराम दिलाता है
पुदिने की कुछ पत्तियों को कुचलकर इसमें 3 बूंद नींबू के रस की डाली जाए और इस मिश्रण को चेहरे के कील मुहांसों पर लगा दिया जाए। फिर 5 मिनट बाद चेहरा धो लिया जाए। तो एक सप्ताह में ही मुहांसे और कील खत्म हो जाएंगे और चेहरा चमक जाएगा।
2. सर्दी- खांसी को ठीक करता है
ठंड में बुखार आने पर पुदीने की पत्तियों का रस और अदरक के रस की समान मात्रा मिलाकर रोगी को देने से आराम मिलता है। पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार करीब एक गिलास पानी में 10 पुदीने की पत्तियां, थोड़ी-सी काली मिर्च और थोड़ा काला नमक डालकर उबालें। पांच मिनट उबालने के बाद इस पानी को छानकर पीने से सर्दी- खांसी, जुकाम और बुखार से आराम मिलता है।
3. मुंह की बदबू को करे दूर
जिन्हें मुंह से बदबू आने की शिकायत हो, उन्हें दुर्गध दूर करने के लिए पुदीने की सूखी पत्तियों को पीसकर उसका चूर्ण बनाकर इसे दांतों पर मंजन की तरह लगाना चाहिए। ऐसा करने से मुख दुर्गंध दूर होती है और मसूड़े भी मजबूत होते हैं।
4. बंद नाक और सर्दी में दे आराम
सर्दी और जुकाम होने की दशा में पुदीने की पत्तियों के रस की एक-एक बूंद नाक में डालने से लाभ होता है। काली मिर्च, पुदीना और नमक का मिश्रण एक साथ चबाने से भी सर्दी में तेजी से फायदा होता है।
5. पेटदर्द में लाभकारी
डांग-गुजरात के आदिवासियों के अनुसार पेटदर्द और अतिसार में इसके पत्तों को अनारदानों के साथ पीसकर अदरक के रस के साथ मिलाकर सेवन करने से लाभ होता है।
6. दाद पर भी असरदार
दाद या त्वचा पर सूक्ष्मजीव संक्रमण होने पर पुदीने के पत्तों का रस दिन में 3-4 बार लेपित किया जाए, तो आराम मिलता है। पत्तियों को कुचलकर सीधे त्वचा पर रगड़ा जाए तो भी फायदा होता है।
7. कॉलेरा से छुटकारा
कॉलेरा होने पर 6 ग्राम पुदीने की पत्तियां और ईलायची (3 ग्राम) लेकर आधा लीटर पानी में उबाला जाता है और एक-एक घंटे के अंतराल पर रोगी को दिया जाता है जिससे जी मचलाना और वमन बंद हो जाता है। इसके साथ ही पेटदर्द में भी आराम मिलता है।
8. ज़हर पे भी असदार
पातालकोट के आदिवासियों के अनुसार बिच्छु के काटे जाने पर पुदीने की पत्तियों के रस से लाभ होता है और धीमे- धीमे ज़हर उतर जाता है।
